रसराज श्रीकृष्ण (Rasaraj Sri Krishna)
Author: कृष्णकृपामूर्ती श्री श्रीमद् ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद
Description
प्रत्येक मनुष्य आनन्द की खोज कर रहा है, किन्तु कृष्ण के सम्बन्ध में जो आनन्द मिलता है, उसकी तुलना में अन्य सब फीका हो जाता है । यदि हम केवल कृष्ण की ओर मुडें, तो हम जो भी आनन्द के लिए लालायित हैं, उसे आखिर प्राप्त करेंगे । कृष्ण के चित्ताकर्षक व्यक्तित्व एवं उनकी लीलाओं के विषय में जानें और आनन्द के अपार भण्डार को प्राप्त करें ।
Sample Audio
Copyright © 1972, 2022 BHAKTIVEDANTA BOOK TRUST (E 5032)
Your IP Address: 216.73.216.41
Server IP Address: 169.254.129.6